विशà¥à¤µ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ दिवस: à¤à¤• दिवस का आयोजन या पूरे वरà¥à¤· के आतà¥à¤®à¤®à¤‚थन का अवसर?
जब परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ केवल चरà¥à¤šà¤¾ का विषय बन जाठऔर जीवन का आधार होने का बोध कमजोर पड़ जाà¤, तब मानव सà¤à¥à¤¯à¤¤à¤¾ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ अपने à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ को संकट में डालने लगती है। विशà¥à¤µ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ दिवस पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वरà¥à¤· आता है और उसके साथ अनेक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®, संगोषà¥à¤ ियाà¤, वृकà¥à¤·à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ तथा जागरूकता गतिविधियाठà¤à¥€ दिखाई देती हैं। यह सब आवशà¥à¤¯à¤• […]
कà¥à¤¯à¤¾ हम अपने अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤•ों का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ कर रहे हैं, या केवल दिवस मना रहे हैं…?
वैशà¥à¤µà¤¿à¤• अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• दिवस (1 जून) पर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जीवन-दरà¥à¤¶à¤¨, संसà¥à¤•ारों की निरंतरता और नैतिक उतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤¤à¥à¤µ के मूल ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को टटोलता à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° वैचारिक विमरà¥à¤¶à¥¤ आज 1 जून को विशà¥à¤µ के अनेक देशों में ‘वैशà¥à¤µà¤¿à¤• अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• दिवस’ मनाया जाता है। इस अवसर पर माता-पिता और अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤•ों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ समà¥à¤®à¤¾à¤¨, कृतजà¥à¤žà¤¤à¤¾ और पà¥à¤°à¥‡à¤® वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ दी […]