कà¥à¤¯à¤¾ हम अपने अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤•ों का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ कर रहे हैं, या केवल दिवस मना रहे हैं…?
वैशà¥à¤µà¤¿à¤• अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• दिवस (1 जून) पर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जीवन-दरà¥à¤¶à¤¨, संसà¥à¤•ारों की निरंतरता और नैतिक उतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤¤à¥à¤µ के मूल ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को टटोलता à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° वैचारिक विमरà¥à¤¶à¥¤ आज 1 जून को विशà¥à¤µ के अनेक देशों में ‘वैशà¥à¤µà¤¿à¤• अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤• दिवस’ मनाया जाता है। इस अवसर पर माता-पिता और अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤•ों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ समà¥à¤®à¤¾à¤¨, कृतजà¥à¤žà¤¤à¤¾ और पà¥à¤°à¥‡à¤® वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ दी […]